किसान आंदोलन पर विदेशी हस्तियों के ट्वीट पर सरकार का बयान

किसान आंदोलन पर विदेशी हस्तियों के ट्वीट पर सरकार का बयान

(रणभेरी): भारत में बीते कुछ महीनो ने चल रहे किसान आंदोलन को लेकर विदेशी हस्तियों की टिप्पणियों पर भारत सरकार ने अब अपना पक्ष रखा है। विदेश मंत्रालय की ओर से विदेशी हस्तियों द्वारा किसान आंदोलन पर की गई टीका-टिप्पणी को गैर जिम्मेदाराना बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि खासकर मशहूर हस्तियों के बीच सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग, टिप्पणियों का लोभ उचित नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारत की संसद ने पूरी बहस और चर्चा के बाद कृषि क्षेत्र से संबंधित इन सुधारवादी कृषि कानूनों को संसद में पारित किया। ये सुधारवादी कानून किसानों को बाजार की उपलब्धता और लचीलापन प्रदान करेंगे। कुछ निहित स्वार्थ समूहों ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश की है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन प्रदर्शनों को भारत की लोकतांत्रिक प्रकृति एवं लोकतांत्रिक राजतंत्र के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। ऐसे मामलों में टिप्पणी करने से पहले हम आग्रह करते हैं कि पहले घटित तथ्यों का सही पता लगाया जाए और जमीनी स्तर पर मुद्दों की उचित समझ की जाए। आपको बता दें कि किसान आंदोलन पर विदेश हस्तियों की ओर से आई टिप्पणियों के बाद मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और तूल मिल गयी। अब तक रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग और कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने टवीटर पर किसानों के समर्थन में अपनी बात रखी है।

रिहाना ने समर्थन में किया ट्वीट

अमेरिकी पॉप स्टार सिंगर रिहाना ने किसान आंदोलन से जुड़े एक लेख को रिट्वीट करते हुए लिखा कि हम इस मुद्दे पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं। इस लेख में जानकारी दी गई थी कि प्रदर्शनकारी स्थलों पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इस पर रिहाना ने समर्थन जताया था और इसे ट्वीट किया था।

ग्रेटा थनबर्ग ने कहा साथ खड़े है हम

स्वीडन के पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भी किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किया और लिखा कि हम भारत में चल रहे किसान आंदोलन में हिस्सा लेने वाले किसानों के साथ खड़े हैं।


 कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने किया ट्वीट

मीना हैरिस ने ट्वीट किया कि हम सभी को भारत में इंटरनेट शटडाउन और किसान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अर्धसैनिक हिंसा से नाराज होना चाहिए।