बिना धोए सबके मुंह में डाल रहे थे औजार, मरीज ने किया इनकार, जानिए क्या है पूरा मामला

बिना धोए सबके मुंह में डाल रहे थे औजार, मरीज ने किया इनकार, जानिए क्या है पूरा मामला

वाराणसी (रणभेरी): पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले बीएचयू अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन डॉक्टरों की लापरवाही के नए-नए किस्से सुनने को मिलते हैं। कोरोन काल के दौरान तो कई लोगों की जान भी इन डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से चली गई थी। ताजा मामला अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रामा सेंटर के दंत रोग विभाग का है। जहां दांत निकालने वाले औजार को बिना धोए और साफ किए सभी मरीजों के मुंह में डालते देखकर एक मरीज ने दांत निकलवाने से मना कर दिया और बाहर विरोध दर्ज करा कर घर वापस चला गया।

रोहतास बिहार के मूल निवासी बनारसी मिश्र सोमवार की सुबह ट्रामा सेंटर के दंत रोग विभाग में डॉ आदित्य को दिखाने गए थे। डॉक्टर ने दातों के स्थिति को देखते हुए उसे निकलवाने के लिए उन्हें ऊपर प्रथम तल पर स्थित मिनी ऑपरेशन कक्ष में भेजा। जब बनारसी मिश्र ऑपरेशन कक्ष में पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर हतप्रभ रह गए उन्होंने देखा कि दांत निकालने वाले औजार को बिना धोए और साफ किए एक दूसरे के मुंह में डाल कर चेक किया जा रहा है और दांत निकाले जा रहे हैं।

उन्होंने ऐसा कर रही महिला चिकित्सक से आपत्ति जताते हुए कहा कि आम दिनों में भी इन औजारों को बिना साफ-सफाई के किसी के मुंह में नहीं डाला जाता है। फिर इस समय तो कोरोना काल चल रहा है, इसमे तो विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए। इन औजारों के माध्यम से सीधे एक व्यक्ति का लार दूसरे व्यक्ति के मुंह मे डाला जा रहा है। ऐसा क्यों? पर महिला चिकित्सक ने इसका कोई जवाब नहीं दिया जिसके बाद बनारसी मिश्र ने दांत निकलवाने से मना कर दिया और बाहर चले आये। उन्होंने इसकी शिकायत भी डिपार्टमेंट में की।

रणभेरी से खास बातचीत में बनारसी मिश्र ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल मे जहां सांस के माध्यम से भी कोरोनावायरस एक दूसरे के शरीर के अंदर चले जाते हैं ऐसे में ट्रामा सेंटर और बीएचयू जैसे हॉस्पिटल में इस तरह की बड़ी लापरवाही महामारी को दावत देने जैसी है और संभव है कि डॉक्टरों की लापरवाही से कई मरीज संक्रमित हुए होंगे।