सोमवती अमावस्या पर लोगों ने लगायी आस्था की डुबकी

सोमवती अमावस्या पर लोगों ने लगायी आस्था की डुबकी

वाराणसी (रणभेरी): 11 दिसंबर को उत्पन्ना एकादशी के बाद 14 दिसंबर को सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) मनाया जा रहा हैं। आज वर्ष 2020 का अंतिम सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) भी लग रहा है, ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण की घटना को बहुत ही विशेष माना गया है। हिन्दू पंचांग के अनुसार ये मार्गशीर्ष महीना चल रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार नौवां महीना है. इसे अगहन मास भी कहा जाता है। 

पौराणिक मान्यता के अनुसार मार्गशीर्ष मास को भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) का सबसे प्रिय महीना कहा गया है। मार्गशीर्ष मास में की जाने वाली पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इस माह में भगवान श्रीकृष्ण के साथ-साथ भगवान विष्णु, तुलसी माता, शंख की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है।  इतना ही नहीं मार्गशीर्ष मास में पवित्र नदी में स्नान करना और दान देने से भी देवताओं का आर्शीवाद प्राप्त होता है। आने वाले कुछ दिन पूजा-पाठ और धर्म कर्म के लिए बहुत ही विशेष हैं।

सोमवती अमावस्या पर गंगा में लोगों ने पूरी आस्था और निष्ठा के साथ की डुबकी। स्नान के चलते लोग भोर में ही घाटों पर पहुंचने लगे थे, गंगा घाटों पर लोगों का हुजूम साफ़ देखने को मिला। दूर-दूर से पहुंचे सैलानियों ने गंगा में पुण्य की डुबकी लगायी। वहीं आज सोमवार पड़ने से इसका महत्व और बढ़ गया क्यूंकि सोमवार को होने वाली यह अमावस्या अत्यंत फलदायी मानी जाती है। आज के दिन लोग जहां एक ओर गंगा में आस्था की डुबकी लगाते है वहीं महिलायें पीपल के पेड़ का पूजन करती है।