Year Ender 2020: वो अपराध जो गुंजे सता के गलियारों तक

Year Ender 2020: वो अपराध जो गुंजे सता के गलियारों तक

वाराणसी (रणभेरी): साल 2020 में कुछ ऐसे खौफनाक अपराध हुए हैं, जिनसे आज तक लोग दहशत में हैं। हत्या, अपहरण, गैंगरेप, लूट या फिर साइबर क्राइम के कुछ ऐसे केस देशभर में सुर्खियों में रहे, जिन्होंने न केवल आम लोगों पर असर डाला, बल्कि पुलिस के साथ जांच एजेंसियों के भी होश उड़ाकर रख दिए। लेकिन, अपराध या अपराधी कितना ही बड़ा क्यों न हो, कानून उसे दबोच ही लेता है। 2020 अलविदा कहने को है तो आज हम आपको साल 2020 में घटित हुए 15 ऐसे बड़े अपराधों के बारे बताने जा रहे हैं, जिन्होंने प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश को भी हिलाकर रख दिया।

1.बेंगलुरु हिंसा में 3 लोगो की मौत: कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में मंगलवार 11 अगस्त की रात कांग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे द्वारा कथित रूप से भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट डालने के बाद हिंसा भड़क गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि पुलिस को इसे काबू करने के लिए फायरिंग करने पर मजबूर होना पड़ा। पुलिस फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य शख्स घायल हो गया, जिसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इस हिंसा में 50 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए। यह पूरी घटना शहर के डीजे हल्ली और केजी हल्ली इलाके की है। बिना देरी किये किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने इलाके में कर्फ्यू लगा दिया था। वहीं, राजधानी बंगलूरू में धारा 144 लगा दी गई थी। बाद में इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई और इस हिंसक घटना की गुत्थी सुलझ सकी।

2. जेएनयू हमला: 5 जनवरी 2020 को, 50 से अधिक नकाबपोश लोगों ने छड़, लाठी और तेजाब से लैस लोगों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के परिसर पर हमला किया और 39 से अधिक छात्रों और शिक्षकों को घायल कर दिया। कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं प्रोफेसर, जिन्होंने छात्रों को रोकने और उनकी सुरक्षा करने की कोशिश की, साथ ही घायल व्यक्तियों को ले जाने वाली एम्बुलेंस पर हमला किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि परिसर के भीतर पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया। तीन घंटे तक विश्वविद्यालय परिसर के निवासियों पर हमला करने के बाद, भीड़ भाग गई; इसके किसी भी सदस्य को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया था। सभी ३६ छात्र जो घायल हुए और भर्ती हुए उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। सभी को 24 घंटे के भीतर छुट्टी दे दी गई थीं। 

3. पालघर मॉब लिंचिंग केस: महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या से देशभर के साधु-संतों में खासा आक्रोश था। जिले के गढ़चिंचले गांव में 16 अप्रैल, 2020 को यह घटना घटी थी. मुंबई से कार में सवार होकर एक अंतिम संस्कार में शामिल होने सूरत जा रहे दो साधुओं और उनके चालक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. गांववालों की भीड़ ने उनकी गाड़ी को रोका और बच्चा चोर होने के शक में बेरहमी से मार डाला।

 4. केरल सोना तस्करी मामला: जुलाई 2020 को, तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स द्वारा July 14 में 82 करोड़ रुपये के 30 किलोग्राम 24 कैरेट सोने को एक राजनयिक बैग से जब्त किया गया था। जिसे तिरुवनंतपुरम में यूएई वाणिज्य दूतावास में पहुंचाया जाना था। केरल उच्च न्यायालय ने सोने की तस्करी से जुड़े मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के निलंबित अधिकारी एम. शिवशंकर की अंतरिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीमा शुल्क विभाग मामले की जांच कर रहा है। बता दें कि सीमा शुल्क विभाग ने गत पांच जुलाई को 15 करोड़ रुपये मूल्य का 30 किलोग्राम सोना जब्त किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), सीमा शुल्क विभाग और प्रवर्तन निदेशालय समेत केंद्रीय एजेंसियां इस मामले में अलग-अलग जांच कर रही हैं।

5. बॉयज लॉकर रूम: यह इंटरनेट पर एक नई सनसनी का नाम है। ये नाम इन 2020 में चर्चा का विषय बना। दरअसल, यह ए‍क इंस्टाग्राम ग्रुप का नाम है। जानकार बहुत हैरानी होगी क‍ि दिल्ली के नामी स्कूलों के छात्र इस ग्रुप पर अश्लील बातें करते थे। लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर किया करते थे और उनके गैंगरेप की प्लानिंग करते थे। इस ग्रुप का सनसनीखेज खुलासा इसके कुछ स्‍क्रीन शॉट वायरल होने के बाद हुआ था। अब इसमें रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे थे। लेकिन इसके वायरल होने पर ग्रुप के 27 लोगों की पहचान करने के बाद कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। लड़कियों की फोटो लेकर फिगर, कपड़ों पर होती थी अश्लील बातें। bois locker room नाम के इस ग्रुप में लड़कियों की फोटो पर अश्लील बातें होती थीं। इंस्टाग्राम से लड़कियों की फोटो लेकर उसको ग्रुप में डालकर उनके फिगर, कपड़ों पर अश्लील बातें करते थे।

6. विकास दुबे एनकाउंटर केस: 2 जुलाई, 2020 की रात कानपुर एक ऐसे दिल दहला देने वाले अपराध का गवाह बना, जिसकी सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस के होश फाख्ता हो गए। चौबेपुर क्षेत्र स्थित बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोलियां दागी गईं। दरअसल पुलिस एक केस के सिलसिले में गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) को गिरफ्तार करने गई थी. विकास को इसकी भनक लग गई। उसने अपने साथियों के साथ पूरी तैयारी से पुलिस पर हमला करने का प्लान बनाया। विकास ने पुलिस की गाड़ियों का रास्ता रोकने के लिए रास्ते में JCB मशीन खड़ी करवा दी. पुलिस पैदल उसके घर पहुंची। 

7. Amshipora fake encounter: कश्मीर पुलिस, 62 आरआर और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने 18 जुलाई दिन शनिवार को अम्सिपोरा गांव में शनिवार तड़के सुबह घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया, जब सेना को क्षेत्र में कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशिष्ट इनपुट मिले। सेना द्वारा इनपुट के अनुसार, 3-4 आतंकवादियों को एक घर के अंदर छिपने के बाद चारो तरफ से घेर लिया गया। लेकिन फिर गोलियां चलते ही कब तलाशी अभियान एक मुठभेड़ में बदल गया पता नही चला।

8. बॉलीवुड ड्रग्स केस: सुशांत सिंह को 14 जून को अपने बांद्रा स्थित घर में फांसी पर लटका हुआ पाया गया, जिसमें एक बड़ा राजनीतिक विवाद था, जिसमें मुंबई पुलिस, पटना पुलिस, केंद्रीय जांच ब्यूरो, ईडी और एनसीबी द्वारा कई जांच की गई थी। 4 सितंबर को सुशांत की पूर्व प्रेमिका रिया-शोएब चक्रवर्ती के बोरथ को ड्रग्स से संबंधित मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के हिस्से के रूप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के तीन महीने बाद उन्हें 2 दिसंबर को जमानत दी गई थी। 8 सितंबर को, रिया चक्रवर्ती को NCB द्वारा गिरफ्तार किया गया था और 7 अक्टूबर को एक महीने के बाद जमानत दी गई थी, यहां तक ​​कि दो दर्जन से अधिक व्यक्तियों, जिनमें बॉलीवुड से जुड़े व्यक्ति, नशीले पदार्थों के पेडलर्स, आपूर्तिकर्ता और फाइनेंसर गिरफ्तार किए गए हैं या पूछताछ कर रहे हैं।

9.पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड: 20 जुलाई 2020 को अपनी दो बेटियों के साथ घर लौट रहे पत्रकार विक्रम जोशी को घेरकर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इस हमले में जोशी के सिर में गोली लगी थी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालात में गाजिय बाद के यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पत्रकार विक्रम जोशी के भाई अनिकेत जोशी ने बताया था कि हमले से तीन दिन पहले ही आरोपी युवकों ने उनकी भांजी पर अश्लील टिप्पणी की थीं। छेड़छाड़ की घटना को लेकर विजय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद से आरोपियों ने उनके भाई की हत्या कर दी। बता दें कि मामला सुर्खियों में आने के बाद मृतक पत्रकार के परिवार को दस लाख की आर्थिक सहायता, दोनों बच्चियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने और स्वर्गीय पत्रकार विक्रम जोशी की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की बात की गई थी, लेकिन अभी तक भी सरकारी नौकरी नहीं मिल सकी है। उनकी पत्नी लगातार डीएम कार्यालय के चक्कर काट रही हैं।

10. हाथरस गैंगरेप केस: हाथरस गैंगरेप केस (Hathras Case) ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े किए थे। 14 सितंबर, 2020 को हाथरस के पास स्थित गांव में एक 20 साल की लड़की से गैंगरेप हुआ। गैंगरेप उस लड़की के साथ ही नहीं बल्कि उसकी रूह के साथ भी किया गया। हैवानों ने उसके शरीर को ऐसी यातनाएं दीं, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट पड़े, पीड़िता का अस्पताल दर अस्पताल इलाज चलता गया और 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया, आनन-फानन में यूपी पुलिस ने देर रात लगभग 2:30 बजे कथित तौर पर परिवार को कमरे में बंद कर पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस का ये रवैया सवालों के घेरे में था. इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हाथरस गैंगरेप पर कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, देशभर में गुस्सा देखने को मिला था. कांग्रेस, AAP, TMC समेत कई विपक्षी दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने हाथरस गए थे. फिलहाल CBI इस केस की जांच कर रही है। 

11. पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस में सामूहिक बलात्कार: बिहार के कैमूर जिले के भभुआ रोड स्टेशन पर खड़ी एक ट्रेन में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि भभुआ की रहने वाली एक महिला सोमवार रात पटना-भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस से भभुआ रोड स्टेशन पहुंची। देर रात होने के कारण महिला ट्रेन की बोगी में बैठी रह गई, जबकि सभी यात्री बोगी से उतर गए. इसी बीच दो युवक बोगी में चढ़ गए और बोगी को बंद कर महिला के साथ उन्होंने दुष्कर्म किया। इस दौरान जब रेल पुलिस ट्रेन की चेकिंग कर रहे थे तब उन्होंने संदिग्ध स्थिति में एक महिला के साथ दो लोगों को देखा। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों की पहचान कुदरा थाना क्षेत्र के जहानाबाद गांव निवासी विरेंद्र प्रकाश सिंह और दीपक सिंह के रूप में की गई है।छत पर हथियारों से लैस बदमाशों ने सभी पुलिसवालों पर ताबड़तोड़ गोलियां दागनी शुरू कर दीं. इस हमले में 8 पुलिसकर्मियों को जान गंवानी पड़ी. कई दिनों तक लुकाछुपी का खेल खेलने के बाद विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया. UP STF उसे कानपुर लेकर आ रही थी. कानपुर के बाहरी हिस्से में दाखिल होते ही STF की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई. इसी गाड़ी में विकास बैठा था. पुलिस का कहना है कि विकास ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और इस दौरान एनकाउंटर में उसे मार गिराया गया. पुलिस के इस एनकाउंटर पर काफी सवाल उठे थे।

12.बलरामपुर अपहरण और बलात्कार: 29 सितंबर 2020 को बलरामपुर, उत्तर प्रदेश में एक 22 वर्षीय दलित कॉलेज की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और हमला किया गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। उसके परिवार के अनुसार, उसका घर वापस आने पर अपहरण कर लिया गया था और कम से कम दो लोगों ने उसका बलात्कार किया था। बलरामपुर में भी दलित समुदाय की 22 वर्षीय एक युवती की कथित तौर पर बलात्कार के बाद हालत बिगड़ने से मौत हो गई. बलरामपुर के गैंसड़ी इलाके की रहने वाली दलित युवती की मां का आरोप है, कि बलात्कारियों ने उनकी बेटी के पैर और कमर तोड़ दी। हालांकि पुलिस ने इसे गलत बताया है। 

13. भदोही में दरिंदगी के बाद सिर कुचलकर हत्या: 1 अक्टूबर 2020 को भदोही में एक नाबालिग दलित लड़की से दुष्कर्म के बाद बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना भदोही के गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। जहां चकराजाराम तिवारीपुर गांव में दोपहर के समय 14 वर्षीय दलित लड़की घर से खेत में शौच के लिए गई थी। जब वह काफी देर बाद भी घर वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने खेत में जाकर देखा। जहां लड़की का रक्तरंजित शव पड़ा था। उसकी सिर कुचलकर निर्मम तरीके से हत्या की गई थी। यह केस भी काफी चर्चा में रहा था। 

14. निकिता हत्याकांड: हरियाणा के बल्लभगढ़ में 26 अक्टूबर, 2020 को एक छात्रा की हत्या से सनसनी फैल गई थी।उस दिन परीक्षा देकर अपनी सहेली के साथ घर लौट रही छात्रा निकिता की अग्रवाल कॉलेज के गेट के बाहर मुख्य आरोपी तौसीफ ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात को अंजाम देने में उसका साथी रेहान भी शामिल था. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. वीडियो में तौसीफ पहले तो निकिता को कार में बैठाने की कोशिश करता दिखा. छात्रा के विरोध करने पर उसने निकिता के सिर में गोली मार दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी निकिता पर शादी करने के लिए इस्लाम अपनाने का दबाव बना रहा था. तौसीफ को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में एक और युवक को गिरफ्तार किया गया। हिंदूवादी संगठनों ने इस घटना को 'लव जिहाद' का नाम दिया और आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की. योगी सरकार 'लव जिहाद' के खिलाफ कानून ला चुकी है, जिसके बाद हरियाणा की खट्टर सरकार भी जल्द 'लव जिहाद' पर कानून लाने की बात कह चुकी है। दूसरे हमलावर को अधमरी हालत में पुलिस ने छुड़ा लिया था. हमलावरों की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस घटना में नारायण सिंह और उनके एक समर्थक की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि नारायण सिंह के खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। फिलहाल इस मामले की जांच भी जारी है। 

15. दिल्ली दंगे: 2020  उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगे 23 फरवरी 2020 की रात से शुरू होकर, उत्तर पूर्व दिल्ली के जाफराबाद इलाके में रक्तपात, संपत्ति विनाश, दंगों और हिंसक घटनाओं की एक श्रृंखला थीं। इसमें 53 लोग मारे गए और 200 से अधिक लोग घायल हुए है। यह दंगे मुख्यतः हिंदू भीड़ द्वारा मुसलमानों पर हमला करने से हुई। गए 53 लोगों में से, दो-तिहाई मुसलमान थे जिन्हें गोली मार दी गई थी, तलवार से काट दिया गया एवं आग से जला दिया गया था। मृतकों में एक पुलिसकर्मी, एक खुफिया अधिकारी और एक दर्जन से अधिक हिंदू शामिल थे। हिंसा समाप्त होने के एक सप्ताह से अधिक समय के बाद, सैकड़ों घायल अपर्याप्त रूप से चिकित्सा सुविधाओं से वंचित थे और लाशें खुली नालियों में पाई जा रही थीं।