मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर पतंग बाज़ार पर कोरोना की मार

मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर पतंग बाज़ार पर कोरोना की मार

वाराणसी(रणभेरी)। मकर संक्रान्ति हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। मकर संक्रान्ति पूरे भारत सहित विदेश में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। दरअसल, पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है, तभी इस पर्व को मनाया जाता है। वर्तमान शताब्दी में यह त्योहार जनवरी माह के चौदहवें या पन्द्रहवें दिन ही पड़ता है , इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। सनातन धर्म में इस पर्व की बड़ी मान्यता है, मकर संक्रांति के अवसर पर लोग इस पर्व को दान धर्म, पूजा पाठ के साथ पतंगबाजी कर हर्ष उल्लास के साथ मनाते हैं। 

मकर संक्रांति के पर्व को लेकर इस साल वाराणसी के बाजार पूरी तरह से सज गए हैं। खासकर मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगों के बाजार बेहद ही आकर्षक रूप में सजाये जाते हैं, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना ने जिस तरह से अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ी की अब हर वर्ष के भातिं पतंग के बाजार में इस बार पहले वाली रौनक नहीं है। 

विक्रेताओं की मानें तो वैश्विक महामारी कोरोना के बाद लगे लॉकड़ाउन के बाद अब कोई ऐसा मौका है जब पतंग से जुड़े व्यवसाइयों की मांग होगी, मगर कोरोना की वजह से बाजारों में रौनक ना होने के पीछे दुकानदारों का मानना है कि वाराणसी में पूर्वांचल सहित बिहार और मध्य प्रदेश के व्यापारी व्यापार करने के लिए आते हैं, लेकिन वैश्विक महामारी के वजह से वह व्यापारी बहुत कम आ पा रहे हैं। साथ ही चाइना मांझे के प्रयोग पर बैन, पतंग के कच्चे माल पर वृद्धि जैसे विभिन्न वजह है कि बाजारों में पहले की तरह रौनक नहीं है।